
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा क्षेत्र से एक गंभीर सुरक्षा घटना सामने आई है। तेलंगाना सीमा से सटे कर्रेगुट्टा हिल्स में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए IED विस्फोट की चपेट में आकर सुरक्षा बलों के 10 जवान घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सुरक्षाबल कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक के बाद एक कई IED धमाके हुए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों में 9 जवान डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG) और 1 जवान कोबरा बटालियन का बताया जा रहा है।
MI-17 हेलीकॉप्टर से रायपुर एयरलिफ्ट:
IED ब्लास्ट के बाद घायल जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद देर रात सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से सभी को रायपुर एयरलिफ्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
लंबे समय से नक्सली गतिविधियों की सूचना:
कर्रेगुट्टा पहाड़ी इलाका नक्सलियों का एक रणनीतिक और सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से यहां नक्सली मूवमेंट और IED प्लांटिंग की पुख्ता सूचनाएं मिल रही थीं। इसी इनपुट के आधार पर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था।
इलाके में हाई अलर्ट, ऑपरेशन तेज:
IED विस्फोट की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी और सर्चिंग को और तेज कर दिया है। संभावित नक्सली खतरे को देखते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती भी की गई है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष इसी क्षेत्र में 21 दिनों तक देश का सबसे बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन चलाया गया था। एक बार फिर कर्रेगुट्टा हिल्स नक्सल विरोधी अभियान का केंद्र बन गया है।




